। छोटीसी बात ।
मैंने पूछा कौन हो तुम ?
उसने कहा इन्सान हूँ मै,और वह हँस दिया,
मैंने कहा इतना कुछ करते हो ,
मेरे लिए भगवान हो तूम,और मैंने हँस दिया ,
उसने कहा क्यूँ जूठी तारीफ़ करते हो ?
शैतान हो तूम ,और वह हँस दिया
मैंने कहाँ बतादूँ के ,
मेरे दिलके मेहमान हो तूम और मैंने हँस दिया ,
उसने कहा सच बतादो ,
किस बातसे परेशान हो तुम और वह हँस दिया ,
मैंने कहाँ ज़रा सोंचो ,
जिस बात से अन्जान हो तुम और मैंने हँस दिया
उसने कहाँ जानते हो ?
तुम्हारीही पहचान हूँ मै और वह हँस दिया ,
मैंने कहाँ मानता हूँ ,
मेरे ही होठों की मुस्कान हो तुम और मैंने हँस दिया .
जयकल्प ।
मैंने पूछा कौन हो तुम ?
उसने कहा इन्सान हूँ मै,और वह हँस दिया,
मैंने कहा इतना कुछ करते हो ,
मेरे लिए भगवान हो तूम,और मैंने हँस दिया ,
उसने कहा क्यूँ जूठी तारीफ़ करते हो ?
शैतान हो तूम ,और वह हँस दिया
मैंने कहाँ बतादूँ के ,
मेरे दिलके मेहमान हो तूम और मैंने हँस दिया ,
उसने कहा सच बतादो ,
किस बातसे परेशान हो तुम और वह हँस दिया ,
मैंने कहाँ ज़रा सोंचो ,
जिस बात से अन्जान हो तुम और मैंने हँस दिया
उसने कहाँ जानते हो ?
तुम्हारीही पहचान हूँ मै और वह हँस दिया ,
मैंने कहाँ मानता हूँ ,
मेरे ही होठों की मुस्कान हो तुम और मैंने हँस दिया .
जयकल्प ।
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