। गुब्बारा ।
जिसको कहेता प्यार है यारा हलकी हवाका गुब्बारा,
कबतक देगा साथ न जाने किस बस्तीका बंजारा,
हवा रहेगी जबतक उसमें रंग अनोखे पाओगे,
अपने मासूम दिवानेपनसे उसमें गुम हो जाओगे,
पकड़ रखोगे ड़ोर उसीकी उसके पिछे भागोगे,
दिनभर खेलके मन क्या भरता रात रातको जागोगे,
वह उड़ता तो तुम भी उड़ते उसके सपने देखोगे
अपने आपको क्या चाहा तुम उतना उसको चाहोगे,
उसकी डोरमें फूल बांधकर बाग़-बहार में जाते हो,
उसके स्पर्श में मोहित होकर गीत सुहाने गाते हो,
अपना जीवन उसे समर्पित, तु एक राही आवारा,
पर ऐ राही जानले तु, वह है एक चंचल गुब्बारा,
डोर है नाजुक टूट जाएगी उड़ जायेगा गुब्बारा,
जरा चोट हलकी आए तो फुट जाएगा गुब्बारा,
हवा के रुख़ बदलेंगे तो रंग कही छुप जाएँगे,
तेरे प्यारकी मासुमियतको क्या समज़ेगा गुब्बारा
जयकल्प .
जिसको कहेता प्यार है यारा हलकी हवाका गुब्बारा,
कबतक देगा साथ न जाने किस बस्तीका बंजारा,
हवा रहेगी जबतक उसमें रंग अनोखे पाओगे,
अपने मासूम दिवानेपनसे उसमें गुम हो जाओगे,
पकड़ रखोगे ड़ोर उसीकी उसके पिछे भागोगे,
दिनभर खेलके मन क्या भरता रात रातको जागोगे,
वह उड़ता तो तुम भी उड़ते उसके सपने देखोगे
अपने आपको क्या चाहा तुम उतना उसको चाहोगे,
उसकी डोरमें फूल बांधकर बाग़-बहार में जाते हो,
उसके स्पर्श में मोहित होकर गीत सुहाने गाते हो,
अपना जीवन उसे समर्पित, तु एक राही आवारा,
पर ऐ राही जानले तु, वह है एक चंचल गुब्बारा,
डोर है नाजुक टूट जाएगी उड़ जायेगा गुब्बारा,
जरा चोट हलकी आए तो फुट जाएगा गुब्बारा,
हवा के रुख़ बदलेंगे तो रंग कही छुप जाएँगे,
तेरे प्यारकी मासुमियतको क्या समज़ेगा गुब्बारा
जयकल्प .