एक एहसास छु गया, यारों मैं मर गया।
सिर्फ साँसे रूक गई, और मैं गुजर गया।
एक एहसास छु गया .........
मत सोचो, जिंदगीसे मैं डर गया।
ऐसा भी नहीं, के आपसे जी भर गया।
एक एहसास छु गया ..........
हर राहपर एक कश्मकशमें, मैं उलज गया।
बरसोसे दबा रख्खा एक आंसू निकल गया।
एक एहसास छु गया .........
साथ तुम्हारे जीनेकी ख्वाहिश् में कमी तो नहीं।
पर खुदको खुदसे खोनेका अंदाज़ मिल गया।
एक एहसास छु गया ..........
अपनेही अस्तित्वसे, संतोष मुजे है।
फिरभी उसे मिटानेका इशारा मिल गया।
एक एहसास छु गया ..........
जिया हूँ इस तरह, के अब कोई खोफ भी नहीं।
प्यारका अमृत इतना मिला के मैं अमर हो गया।
एक एहसास छु गया .......
जयकल्प।
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