विश्वोश्मा (global warming)
मंद पवनके हल्के ज़ोंके
तूफां कैसे ले आये?
तिनके जीतनी चिंगारी
अनल अगन को भड़काए
शीतल शांत सरल सरिता
प्रलय रूपमें बहेती क्यों?
नीलाम्बरमें शोभित बादल
बीजली बनकर टकराए
शांत चित्तके पावन साधू
शोषित श्रापित भयभीत है
संयमशील अचल चट्टाने
मिटटी बनकर उड जाए
अपनीही भूलकी शिक्षा
इंसान खुदको देता है
उसके सहज स्वभाव से विपरीत
संतुलन जब खो जाए.
जयकल्प ......
मंद पवनके हल्के ज़ोंके
तूफां कैसे ले आये?
तिनके जीतनी चिंगारी
अनल अगन को भड़काए
शीतल शांत सरल सरिता
प्रलय रूपमें बहेती क्यों?
नीलाम्बरमें शोभित बादल
बीजली बनकर टकराए
शांत चित्तके पावन साधू
शोषित श्रापित भयभीत है
संयमशील अचल चट्टाने
मिटटी बनकर उड जाए
अपनीही भूलकी शिक्षा
इंसान खुदको देता है
उसके सहज स्वभाव से विपरीत
संतुलन जब खो जाए.
जयकल्प ......
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