रंगोने पूछा फुलोसे,
क्या होता अगर हम ना होते,
खुशबु ने टोका कलिओंसे,
यह सोचो अगर हम ना होते,
नज़ाकत पूछे पंखुरियो से,
हम ना होते तुम क्या होते,
शबनम ने भी ऐसा सोचा,
हम ना होते वह क्या होते
हवा पवन के बहेते ज़ोंके,
वह ना होते फुल क्या होते,
भंवरोंकी गुन गुन ना होती,
आप भी सोचो गुल क्या होते,
सुन्दर स्त्री के बाल ना होते,
फुल तो होते पर क्या होते,
जिस इश्वर पे चद्ती माला,
वह ना होते फुल ना होते।
जयकल्प
क्या होता अगर हम ना होते,
खुशबु ने टोका कलिओंसे,
यह सोचो अगर हम ना होते,
नज़ाकत पूछे पंखुरियो से,
हम ना होते तुम क्या होते,
शबनम ने भी ऐसा सोचा,
हम ना होते वह क्या होते
हवा पवन के बहेते ज़ोंके,
वह ना होते फुल क्या होते,
भंवरोंकी गुन गुन ना होती,
आप भी सोचो गुल क्या होते,
सुन्दर स्त्री के बाल ना होते,
फुल तो होते पर क्या होते,
जिस इश्वर पे चद्ती माला,
वह ना होते फुल ना होते।
जयकल्प
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